RK TV News
खबरें
Breaking NewsOther

नव जोड़ो को “हर्ष”दे “फायरिंग” नही:अजय गुप्ता अज्ञानी

RKTV NEWS/अजय गुप्ता अज्ञानी(साहित्यकार)30 मई।एक अप्रत्याशित घटना मन को अक्सर उद्वेलित करता रहता है और शादी-ब्याह व लग्न के समय में ज्यदा बिकराल हो जाता है। यह ऐसी गैर जरुरी घटना है जो बिल्कुल ही कृत्रिम है। जिसका अंत तो होना ही चाहिए। हर्ष फायरिंग और मौत का क़हर खुशी के पलों को अमिट ग़मो में बदल देता है। जिससे किसी का अपना विकलांग हो जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है और हर्ष फायरिंग अपने पीछे छोड़ जाता है किसी के रोते बिलखते माँ-बाप, भाई-बहने, बीबी-बच्चे व परिवार जनो को। जो खुशी की पलो को मार्मिक ग़मो में बदल देता है। स्तब्ध रह जाता है गाँव, मुहल्ला और बस्तियाँ।साथ ही उक्त नव जोड़ो के हृदय में जीवन भर के लिए कोई टिश दे जाता है कि उनके शादी की खुशियाँ कैसे मातम में बदल गई और डोली उठने से पहले अपने प्रिय जनो की अर्थी कैसे आँगन से उठ गई। समाज ऐसे दारुण स्थिती का शिकार ना बने इससे समाज व सरकार को सचेत रहने की जरुरत है। काम कठिन है मगर विजय पाना सम्भव है कुछ बातों पर बुद्धिजीवियों द्वारा विचार किया जाना चाहिए।इस पवित्र अवसर पर होने वाले अनर्थ पर रोक लगना चाहिए।जीवन में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है इसका उपयोग सार्थक होने चाहिए।दहेज ऐसा रोग है जो स्वस्थ परिवार को बिमार कर रहा है और इसका फायदा माँ-बाप भाई बंधू का ना हो कर भविष्य में मात्र व मात्र उस उक्त दम्पती को ही होता है और कुपात्र बनते है। परिजन को ऐसी बातों पर विचार करना चाहिए और शादियाँ सामर्थ्य के अनुसार दिखावा रहित होना चाहिए,शादियाँ आदर्श होनी चाहिए छोटी-छोटी बातों को प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए।लोभ व दिखावा पर आम जनो को अपने नयी पीढ़ी को उदाहरण बनने के लिए त्याग करना चाहिए। शादी से पहले दोनो पक्षो में आपसी सहमती बननी चाहिए की खुशी के मौके पर हथियारों का उपयोग ना हो।दोनो परिवारों को मिलकर इस प्रथा को दरकिनार करना चाहिए।ऐसे हथियारों को प्रदर्शित करने वालो को महत्वपूर्ण अतिथि को भी शादी में ना शामिल होने का आग्रह कर लें। कठीन तो है मगर धिरे-धिरे जागरुकता आयेंगी।प्रत्येक शादी की सूचना और विवरण डिटेल्स नज़दीकी थाना को अवश्य देना चाहिए व जयमाल व बरात/तिलक/वर-वधूस्वागत सम्पन्न होने तक निगरानी में रहने का प्रशासन से आग्रह करना चाहिए। ध्यान रहे शादी इंसानो की होती है पैसो और दिखावे से नही।शादियाँ दो आत्माओं दो परिवारो व अनगिनत खुशियों का मिलन है। इसे हर्ष फायरिंग में नष्ट न होने दे। उक्त बातें मेरी छोटी सी बुद्धी की उपज है ऐसे हमारा समाज बुद्धिजीवी है और एक सुलझा  हुआ अच्छा मार्गदर्शन दे सकता है।खुशी के मौको पर हर्ष हो फायरिंग नहीं। नव जोड़ो को नव खुशी दें नव उल्लास दें।जीवन में धवल उजास यश का वरदान दें। ना कि ग़मो का अमिट टिशता निशान दें बहुत हुआ अब गन कल्चर को विराम दें।

Related posts

स्कूली शिक्षा और साक्षारता विभाग के सचिव संजय कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर रूस के उप शिक्षा मंत्री डेनिस ग्रिबोव के नेतृत्व में रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।

rktvnews

मंत्री सत्यानन्द भोक्ता ने डीआरडीए स्थित प्रशिक्षण भवन हॉल के सौंदर्यकरण कार्य का किया उद्घाटन!डीआरडीए परिसर से ऑनलाइन माध्यम से हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र में पूर्ण कुल 8 पीसीसी पथ का भी उद्घाटन।

rktvnews

अब व्यापार के लिए सांप्रदायिक ध्रुवीकरण : शर्बत भी बंटा हिन्दू और मुस्लिम में!

rktvnews

औरंगाबाद:पंचायती राज विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित।

rktvnews

मध्यप्रदेश:मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के निधन पर किया दु:ख व्यक्त।

rktvnews

चतरा:पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा: तेज हुई कार्रवाई, उपायुक्त की निगरानी में जमीनी स्तर पर मिल रहा समाधान।

rktvnews

Leave a Comment