
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)25 सितंबर।शारदीय नवरात्रोपासना तथा श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् के ३८ वें स्थापना-दिवस पर फ्रेंड्स कॉलोनी में मातृ आराधना उत्सव का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर कलश पूजन पूर्वक श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ आदि संपन्न किया गया। इसके बाद सत्संग का कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें प्रवचन करते हुए संस्थान के अध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि जगदंबा मूल प्रकृति हैं।वे जगत की निर्मातृ, पालिका और सभी प्राणियों की रक्षिका हैं। सभी प्राणियों का कल्याण करनेवाली एवं सभी की मनोकामनाओं को पूर्ण करनेवाली मां दुर्गा हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध की शुरुआत में अर्जुन ने मां दुर्गा की उपासना की और विजय का वरदान प्राप्त किया था। रामायण में भगवान श्रीराम ने रावण से युद्ध के पहले भगवती दुर्गा से प्रार्थनापूर्वक विजय का वरदान प्राप्त किया। भगवान श्रीकृष्ण स्यमंतक मणि प्राप्त करने के लिए गए थे और ऋक्षराज जाम्बवान से गुफा में युद्ध करने में कई दिनों तक फंसे रहे तब देवकी-वसुदेव के नेतृत्व में द्वारिका के लोगों ने यज्ञ के द्वारा जगदंबा दुर्गा की उपासना की और यज्ञ की पूर्णाहुति के समय भगवान श्रीकृष्ण जाम्बवती के साथ सकुशल द्वारिका वापस आए। आचार्य ने कहा कि शुद्ध-सात्विक भाव से मां की उपासना सकल कामनाओं की पूर्ति तथा भगवत्प्राप्ति करानेवाली है। उन्होंने कहा कि भगवती सीता ने पार्वती जो प्रथम दुर्गा हैं,की उपासना कर भगवान श्रीराम को प्राप्त किया और गोपियों ने छठी दुर्गा कात्यायनी भगवती की उपासना कर भगवान श्रीकृष्ण को प्राप्त किया था।
यह कार्यक्रम विजयादशमी तक प्रतिदिन चलेगा। कार्यक्रम में सचिव सत्येन्द्र नारायण सिंह, संयुक्त सचिव मधेश्वर नाथ पाण्डेय, विश्वनाथ दूबे, डॉ सत्यनारायण उपाध्याय, जनार्दन मिश्र, वीरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव “रवि”, पं ब्रजकिशोर पांडेय,पं प्रवीण झारखड़िया,पं चतुर्भुज ओझा,पं उमेश शुक्ल, पं दीपक झा, पं रमाकांत, पं अजय मिश्र,समेत तमाम भक्त और श्रद्धालु तथा सदस्यगण उपस्थित थे।
