प्रभावित परिवारों को समय पर मिले राहत, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत।

काकोर कलां में गौ संरक्षण केंद्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश।
RKTV NEWS/छपरौली(बागपत)05 सितम्बर।जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने शुक्रवार को छपरौली विकासखंड के काकोर कलां गांव में यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लेते हुए राजस्व, सिंचाई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित परिवारों को समय से खाद्यान्न, शुद्ध पेयजल और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में जलभराव की समस्या पर निरंतर निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर नाव व राहत टीमों की सहायता ली जाए।
उन्होंने तहसीलदार और लेखपाल को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों की सूची अद्यतन रखी जाए और मकानों व फसलों की क्षति का सर्वेक्षण तत्काल पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिल सके। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि तटबंधों की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए और कमजोर स्थानों पर अतिरिक्त चौकसी बरती जाए।
वहीं जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने काकोर कलां गांव में स्थित गौ संरक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर गौवंश के लिए चारा, पानी और चिकित्सा व्यवस्था गौ संरक्षण केंद्र पर रखे हुए समस्त रजिस्टरों का भी अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। केंद्र में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो तथा चिकित्सक नियमित रूप से पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करें। उन्होंने चारे की पर्याप्त उपलब्धता और गुणवत्ता पर विशेष बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि गौ संरक्षण केंद्र की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में गौवंश को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण मिले। निरीक्षण के अवसर पर उपजिलाधिकारी बड़ौत भावना सिंह, सिंचाई विभाग,के सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

