
RKTV NEWS/देवघर ( झारखंड)30 अगस्त।उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा द्वारा सारवां प्रखंड सभागार में दीप प्रज्वलित कर मनरेगा अंतर्गत Geo-Tagging & Geo-Fencing, Yuktdhara के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि Yuktdhara एवं Geo fencing मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने एवं वास्तविक मजदूरों की पहचान की एक तकनीकी व्यवस्था है। इसका उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना है कि मजदूरों द्वारा कार्य स्थल पर उपस्थिति वास्तव में निर्धारित स्थान पर ही ली जा रही है या नहीं। इसके तहत योजना के चारों और वर्चुअल सीमा बनाई जाती है एवं NMMS App के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करते समय उसी सीमा में मजदूरों का रहना आवश्यक है।
कार्य स्थल से GPS का Location सेट किया जाता है। मजदूरों की उपस्थिति NMMS App से की जानी है। अगर मजदूर कार्य स्थल पर Geo Fancing Area में नहीं हो तो उस मजदूर की उपस्थिति अमान्य मानी जाएगी। इस तकनीक से धोखाधड़ी में कमी एवं कार्य में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। इससे फर्जी उपस्थिति/मस्टर रॉल से बचाव एवं भुगतान में पारदर्शिता आएगी तथा वास्तविक कार्य की निगरानी की जा सकेगी। वास्तविक श्रमिकों की ससमय उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी।
फिल्ड प्रशिक्षण हेतु सारवाँ प्रखड के कुशमाहा पंचायत में डेमो योजनाओं का Geo Fancing कर प्रशिक्षण दिया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, सारवां, अंचलधिकारी सारवां,सभी प्रखण्डों के बी॰पी॰ओ॰,सहायक अभियंता/ कनीय अभियंता/ दो-दो रोजगार सेवक उपस्थित थे।
