
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 अगस्त।112वां कृष्ण जन्मोत्सव संगीत समारोह की पाचवीं निशा में नादब्रह्म की अनुगूंज हुई । महाजन टोली स्थित आनंद कंद भगवान की ठाकुरबाड़ी में बतौर अतिथि एच डी जैन कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. चंद्रशेखर साहा ने कहा कि शास्त्रीय संगीत सात्विक भाव को प्रदर्शित करता है । यह एक कठिन साधना है जिस मार्ग पर चलने से परमात्मा का साक्षात्कार होता है। संगीतज्ञ ईश्वर के सबसे निकट होते हैं।धार्मिक एक सामाजिक उत्सवों पर शास्त्रीय संगीत का आयोजन होने से समाज में तेजी से फैल रहे विकृत संगीत को परिष्कृत किया जा सकता है । इस अवसर पर आरा की वरिष्ठ शास्त्रीय गायिका डॉ. जया जैन ने राग संगीत की प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया । वही छपरा से पधारे गायक श्री वैभव देव ने राग पुरिया में विलंबित एकताल, मध्य लय की बंदिश “मै तो कर आई पिया संग रंग रलिया” व भजन “चलो मन वृंदावन की ओर” प्रस्तुत कर समां बाँधा । युवा कथक नर्तक राजा कुमार ने गणेश स्तुति समेत झपताल में बोल, टुकड़ा, परण, तिहाई व कथानक प्रस्तुत कर दर्शकों को झुमने पर मजबूर कर दिया। पटना से पधारे तबला वादक शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव ने बनारस घराने का वादन प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी । संयोजक गुरु बक्शी विकास ने बताया की समारोह की छठी निशा के साथ ही आयोजन संपन्न होगा जिसमें बनारस घराने के अंतर्राष्ट्रीय संगीतज्ञ अपनी कला प्रस्तुति से दर्शकों को मुग्ध करेंगे । जिसमें प्रमुख रूप से पंडित रामप्रकाश मिश्र व पप्पू महाराज शिरकत करेंगे । मंच संचालन अजीत पांडेय व धन्यवाद ज्ञापन आदित्या श्रीवास्तव ने किया ।
