
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 अगस्त।आनंद कंद भगवान की ठाकुरबाड़ी में युवा गायिका श्रेया पांडेय ने राग संगीत से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया । अवसर था 112वां श्री कृष्ण जन्मोत्सव संगीत समारोह की द्वितीय निशा का । इस कार्यक्रम का उद्घाटन रंगकर्मी अभिनेता कृष्ण यादव” कृष्णेंदु”ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृष्ण ने संगीत की परंपरा को स्थापित किया है । कृष्ण ने मुरली भी बजाया एवं नृत्य भी किया । आज की जो कथक शैली है वो कृष्ण की ही परंपरा है जिसे पहले नटवरी नृत्य के नाम से जाना जाता था । कार्यक्रम मे शास्त्रीय गायिका श्रेया पांडेय ने राग विहाग में एकताल विलंबित बड़ा ख्याल, मध्य लय तीनताल की बंदिश रोको ना डगर मोहे जाने दो घरवा ” व खमाज की ठुमरी ” कैसी बजावत श्याम बसुरियाँ ” प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । वहीं कथक नृत्यांगना रीतिका कुमारी ने गणेश वंदना “गाइये गणपति जगवंदन” से कथक की शुरुआत की । वही तीनताल में शुद्ध कथक प्रस्तुत करते हुए रंगी साड़ी गुलाबी चुनरिया रे…. पर भाव भंगिमाओं से श्रोताओं की वाहवाही लूटी । वही सोमी सोनी, सानवी सोनी व अभिश्री ने काहे रोकत डगर प्यारे नंदलाल मोरे पर नयनाभिराम अभिनय प्रस्तुत किया । तबले पर गुरु बक्शी विकास व हारमोनियम पर अजीत पांडेय ने संगत किया । मंच संचालन अमित कुमार व धन्यवाद ज्ञापन आदित्या ने किया ।
