
RKTV NEWS/पटना (बिहार)30 जुलाई। बिहार कांग्रेस के आदित्य पासवान ने बिहार सरकार पर दलितों के हित में एक बड़े सवाल को उठाते हुए राज्य में दलितों पर आए दिन हो रहे अत्याचार पर सरकार से पूछा है कि आखिर दलितों के हितों और सुरक्षा की रक्षा की बात करने वाली सरकार इन सभी ज्वलंत मुद्दों पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? क्या महज उनके मतों का उपयोग अपनी सरकार बनाने के लिए ही किया जाना मकसद है? अगर ऐसा है तो यह आने वाले दिनों में दलितों को फिर उन्हें वर्षों पूर्व समाज के निचले पायदान पर ले जाने की साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
आदित्य ने मुजफ्फरपुर में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही नाबालिग बलात्कार पीड़िता की हालत का जायजा लेने के बाद पटना में मीडियाई कर्मियों को बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि मुजफ्फरपुर के औराई थाना अंतर्गत अनुसूचित जाति के रविदास समाज की नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार का वीभत्स तांडव हुआ । बलात्कारियों की मार से बच्ची के सिर की 16 हड्डियां टूट गईं और बच्ची SKMCH मुजफ्फरपुर में जीवन-मृत्यु के बीच जंग लड़ रही है। आदित्य ने बच्ची की विभत्स स्थिति को देख भावुक हो रोष पूर्ण अपने उद्गार में कहा कि क्या पीड़ित को या पीड़ित के परिजनों को मुआवजा ही स्थायी निदान है ?आखिर कहां जाकर रुकेगा ऐसी घटनाओं का सिलसिला?
उन्होंने कहा की एक समय था जब पुलिसिया खौफ से अपराधी इलाका छोड़ दिया करते थे लेकिन आज अपराधियों के खौफ से पुलिस खुद दहशत में दिखती है। ऐसी सरकार जो अपनी जनता और विशेषकर वो जनता जो वंचित समाज से आती है अगर उसकी रक्षा नहीं कर सकती है तो ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहना का कोई अधिकार नहीं है।
आदित्य पासवान ने बिहार के अनुसूचित जाति के लोगों से एकत्रित होने का आग्रह करते हुए इस सरकार को सत्ता से हटाने का आह्वाहन भी किया।
