
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 जुलाई।2 जुलाई को जिले के शाहपुर थाना के सेमरिया गांव निवासी समाजसेवी राम दया ओझा का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया । वे आजीवन शिक्षा और समाज के प्रति समर्पित रहे। स्वयं संघर्ष करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा टाटा प्रबंधन में मुख्य अभियंता के रूप में सेवा की।वे धार्मिक-आध्यात्मिक साहित्य के अध्ययन-चिंतन और लेखन में भी तत्पर रहते थे।श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् द्वारा संचालित आध्यात्मिक सत्संग मंडल के सचिव के रूप में उन्होंने गीता और भागवत के ऊपर प्रौढ़ अध्ययन किया तथा सेमरिया में प्रतिदिन सत्संग सत्र का संचालन करते थे।
प्रसिद्ध भागवत वक्ता (डॉ) आचार्य भारत भूषण पांडेय ने स्व ओझा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे पिछले पांच सालों से रोज गीता के अर्थ लिखते थे और नये अर्थ से अपने पुराने अर्थ का सतत विश्लेषण करते थे।
सेमरिया गांव के सबसे बुजुर्ग समाजसेवी और धार्मिक व्यक्ति राम दया ओझा टाटा कम्पनी से चीफ इंजीनियर से सेवानिवृत्त होने के साथ-साथ धार्मिक व आध्यात्मिक विषयो में लीन रहते थे, उनके निधन से समाज ने जनमानस को गीता की चेतना जगाने वाला अभिभावक खो दिया है।गांव के प्रबुद्ध सामाजिक व धार्मिक लोगों विष्णु शंकर ओझा, मार्कण्डेय ओझा, हरेराम ओझा, लक्ष्मी ओझा, वीरेंद्र ओझा आदि ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
