
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)13 मई।महिला संवाद के माध्यम से महिलाओं को अपनी बातें सरकार तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम मिल गया है। यही कारण है कि महिला संवाद कार्यक्रमों में महिलाएँ बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और अपनी बातों को खुलकर सामने रख रही हैं। इस संवाद के ज़रिए न केवल महिलाओं की समस्याओं को समझने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी प्रयास तेज़ हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की आकांक्षाओं को अब उम्मीदों के पंख लग गए हैं। महिला संवाद के माध्यम से गाँव की महिलाएँ अपनी आकांक्षाओं और विकास को लेकर अपनी उम्मीदों को एक नया मुकाम दे रही हैं। इसके साथ ही वे योजनाओं में अपेक्षित सुधार की आवश्यकता पर भी बल दे रही हैं।
सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिसाल पेश करने वाली महिलाएँ अपने अनुभव साझा कर अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भोजपुर जिले में संवाद कार्यक्रम के 25वें दिन आज 24 ग्राम संगठनों में महिला संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 2829 सदस्यों तथा 463 अन्य महिलाओं ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त 212 पुरुष भी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। अब तक 612 ग्राम संगठनों में आयोजित हो चुके महिला संवाद कार्यक्रमों में कुल 1 लाख 2 हजार से अधिक महिलाएँ भाग ले चुकी हैं।
संवाद कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं द्वारा विभिन्न विषयों एवं विभागों से संबंधित आकांक्षाएं भी सामने आई हैं। अगियाव प्रखंड के डीलिया पंचायत के अकोढ़ा गाँव की महिलाओं ने सभी बिजली पोलों पर कवर वाले तार लगवाने की मांग की है, जिससे आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके। वहीं बिहिया प्रखंड के चकवथ पंचायत के बगही गाँव की महिलाओं ने प्रौढ़ शिक्षा की व्यवस्था की मांग की है। इसी प्रकार चरपोखरी प्रखंड के ठाकुरी पंचायत की महिलाओं ने मैट्रिक पास छात्र-छात्राओं के लिए तकनीकी कौशल प्रशिक्षण केंद्र की मांग रखी है। वहीं जगदीशपुर प्रखंड के शिवपुर पंचायत के डिहरी गाँव की महिलाओं ने महिला हाट और महिला बैंक की आवश्यकता को अपनी प्रमुख आकांक्षाओं में शामिल किया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए महिलाओं ने कहा, “बिहार सरकार की दूरगामी सोच की वजह से राज्य की महिलाएँ काफी आगे बढ़ी हैं।
