
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 दिसंबर।कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर द्वारा ग्रामीण कृषकों के लिए सब्जियों की संरक्षित खेती विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो 15 -18 दिसंबर तक चलेगा जिसमें 25 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं।उद्यान विशेषज्ञ डॉ. विकाश सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि संरक्षित खेती में अपार संभावनाएं हैं। संरक्षित खेती में सब्जियों का उत्पादन ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस या नेट हाउस जैसी संरचनाओं में नियंत्रित वातावरण में किया जाता है, जिससे फसल को मौसम की मार से सुरक्षा मिलती है और वर्ष भर, विशेषकर ऑफ-सीजन में,उत्पादन संभव होता है। इस विधि से सब्जियों की उपज और गुणवत्ता बेहतर होती है, कीट-रोगों का प्रकोप कम रहता है तथा पानी और उर्वरकों की बचत होती है। जिससे किसानों को बेहतर मूल्य, अधिक आय और रोजगार के अवसर मिलते हैं। प्रशिक्षणार्थियों ने तीसरे दिन नर्सरी उत्पादन का एडवांस तरीका सिखा।डॉ विकाश सिंह ने विस्तार से बताया कि प्रो ट्रे विधि में कोकोपीट, वर्मीकुलाइट और परलाइट का मिश्रण माध्यम के रूप में प्रयोग होता है, जो पौधो की जड़ों को पर्याप्त नमी और वातन प्रदान करता है। इन्होंने
प्रशिक्षणार्थियों को प्रो ट्रे भरने, बीज उपचार, सही गहराई पर बुआई करने और पौध की देखभाल का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर किसानों ने टमाटर के बीज की बुवाई भी की और व्यावहारिक ढंग से सीखा कि किस प्रकार कम लागत में गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जा सकती है।
