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Category : आलेख

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“बाबा की सुरक्षा: आत्मा अमर है, लेकिन बॉडीगार्ड चाहिए!”

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मोक्ष की बात, मगर मौत का डर: बाबा की सुरक्षा का रहस्य। RKTV NEWS/डॉ. सत्यवान सौरभ,20 अप्रैल।जो संत मोक्ष, आत्मा की अमरता और मृत्यु से...
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कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप मरते परिंदों की पुकार।

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तेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के कारण पक्षियों के लिए पानी और छांव जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी दुर्लभ होती जा रही...
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गांव की औरतें, जलवायु की मार: बीजिंग रिपोर्ट की चेतावनी।

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2025 बीजिंग इंडिया रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन भारत की ग्रामीण महिलाओं को असमान रूप से प्रभावित कर रहा है। सीमित संसाधनों, पारंपरिक सामाजिक भूमिकाओं...
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आधी सच्चाई का लाइव तमाशा: रिश्तों की मौत का नया मंच।

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आजकल लोग निजी झगड़ों और रिश्तों की परेशानियों को सोशल मीडिया पर लाइव आकर सार्वजनिक करने लगे हैं, जहां आधी-अधूरी सच्चाई दिखाकर सहानुभूति बटोरी जाती...
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सवालों के बीच लोकतंत्र की वास्तविकता।

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RKTV NEWS/आलेख : बादल सरोज,18 अप्रैल।भारत को दुनिया के लोकतंत्र की माँ बताते हुए, असहमतियों का सम्मान करने का दावा करते हुए गाल कितने भी...
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“प्राइवेट स्कूल का मास्टर: सम्मान से दूर, सिस्टम का मज़दूर”।

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RKTV NEWS/प्रियंका सौरभ,17 अप्रैल।प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों से उम्मीदें तो आसमान छूती हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है, न सम्मान, न छुट्टी...
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“गोबर, गुस्सा और विश्वविद्यालय की गिरती गरिमा”।

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गोबर के पीछे सरकार: विज्ञान, शिक्षा और विवेक का अपहरण। RKTV NEWS/डॉ. सत्यवान सौरभ,16 अप्रैल।जिस देश में बच्चों के हाथों में लैपटॉप और प्रयोगशालाएं होनी...
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अल्पसंख्यकों के हित में नहीं है नया वक्फ कानून।

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RKTV NEWS/आलेख : हन्नान मोल्ला,16 अप्रैल।वक्फ अरबी शब्द है, जिसका अर्थ है धार्मिक कार्यों और धर्मार्थ के लिए संपत्ति का दान किया जाना। जब हजरत...
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“क्लासरूम से कॉर्पोरेट तक: उच्च शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी”।

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वर्तमान में, उच्च शिक्षा प्रणाली उद्योग की तेजी से बदलती आवश्यकताओं से मेल नहीं खाती, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश स्नातक रोजगार के लिए अपर्याप्त होते हैं।...