
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 जुलाई। केंद्रीय बजट वैसा ही है जैसा मोदी जी के हवा हवाई भाषण होते हैं जो जमीन पर नहीं उतरते। यह चुनावी बजट भी है आंध्र प्रदेश के लिए घोषणाएं चंद्र बाबू नायडू के समर्थन के एवज में छलावा है और बिहार के लिए पहले भी लाखों करोड़ों की घोषणाएं हुई हैं लेकिन जमीन पर 50% भी काम नहीं हुआ। रोजगार, युवाओं, किसानों के फसलों की सुनिश्चित उचित मूल्य गारंटी, मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य इस बजट में शामिल नहीं है। महिलाओं के लिए भी कुछ नहीं है। यह बजट जनता की उम्मीद और सपनों के लिए निराशावादी बजट है। बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग अस्वीकार करने के बाद नीतीश कुमार किस तरह जनता को इस सरकार के बिहार विरोधी होने की बात समझायेंगे ये उनको सोचना है। सरकार से बाहर आना ही रास्ता बचा है।यह प्रधानमंत्री “सरकार बचाओ योजना”वाला बजट है।
