पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 15 अप्रैल। राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी में कहा कि नवादा में नीतीश जी को सुनना और देखना बहुत ही पीङादायक लगा। उनके साथ मेरा बहुत पुराना संबंध रहा है। जब नीतीश जी पहली मर्तबा भाजपा को छोड़कर उस गठबंधन से बाहर आए थे तो लोक सभा चुनाव के बाद विधान सभा चुनाव में उनकी पहल पर राजद, कांग्रेस तथा अन्य दलों के साथ मिलकर गठबंधन बना था। उसका महागठबंधन नामकरण भी उन्हीं का था। उन्हीं के नेतृत्व में वह चुनाव लड़ा गया था। उस गठबंधन को पराजित करने के लिए नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह ने सारी ताकत लगा दी थी। एक तरह से वह चुनाव नरेंद्र मोदी बनाम नीतीश कुमार बन गया था। उस चुनाव में मोदी जी पराजित हुए थे और नीतीश कुमार विजयी।
उसके बाद उदार छवि वाले नीतीश जी नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में देश भर में उभरे थे। नीतीश जी को मोदी जी की सभा में सुनना बहुत पीङादायक लगा। उन्होंने कहा कि नीतीश जी के साथ मैंने लंबे समय तक काम किया है। पहली दफा समता पार्टी से ही मैं विधायक बना था। राज्य सभा भी मैं नीतीश जी की ही पार्टी की ओर से गया था। लेकिन नवादा में मैंने नीतीश जी के मुॅह से जो कुछ सुना और देखा, उससे मैं स्तब्ध हूॅ।

