पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 21सितम्बर। पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कहा कि हम तो शुरू से महिला आरक्षण बिल के पक्ष में रहे हैं। महिला आरक्षण को जल्दी लागू करना चाहिए। जिस तरह से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को आरक्षण दिया गया है, उसी तरह से इसमें पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए। हम तो चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी महिलाओं को इसका लाभ मिले। हमने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। यह लोकसभा से पास हो गया है। महिला आरक्षण को जल्दी से जल्दी लागू करना चाहिए। ये लोग जनगणना नहीं करवाये हैं। इसलिए इसमें देरी होगी। इस काम को और तेजी से करना चाहिए। जनगणना का काम वर्ष 2021 में होना चाहिए था, जो नहीं हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे देश में जाति आधारित गणना कराने की मांग की। ये सब काम करा दिए जायेंगे तो लोगों को काफी फायदा होगा। लोगों को एक-एक चीज के बारे में जानकारी मिलेगी। उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे उनके हित में काम किया जा सकेगा। हम लोग सबके उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। हम लोगों का यही उद्देश्य है कि महिला आरक्षण बिल जल्द लागू हो जाय। इससे महिलाओं का काफी उत्थान होगा। हम लोगों ने अपने राज्य में महिलाओं के उत्थान के लिए काफी काम किया है।
भाजपा द्वारा पूरे देश में 2024 में लोकसभा चुनाव के बाद जातिगत गणना कराये जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब तक यह हो जाना चाहिए था। इसमें देरी क्यों हो रही है। वर्ष 2024 में शुरू करने की क्या जरूरत है। इसको तत्काल शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1931 से जनगणना का काम किया जा रहा है। प्रत्येक 10 वर्ष पर जनगणना का काम किया जाता है। यह पिछली बार नहीं किया गया, ये अच्छी बात नहीं है। इस काम को जल्दी से शुरू करना चाहिए। इससे महिला आरक्षण को लागू करने में देरी होगी। जब महिला आरक्षण लागू हो जाएगा तो मुझे बहुत खुशी होगी।
