
RKTV NEWS/रांची(झारखंड)30 दिसंबर।स्थानीय जिला स्कूल मैदान रांची में समय इंडिया, नई दिल्ली के तत्वावधान में जारी 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेला के तीसरे दिन मेला परिसर में पुस्तक प्रेमियों की गहमा–गहमी रही । रविवार छुट्टी का दिन होने के नाते लोगों ने अपना समय किताबों के संग बिताया । तमाम पुस्तक प्रेमियों ने अपनी पसन्द की पुस्तकें चुनीं और खरीदीं । कई पुस्तक प्रेमियों ने विभिन्न स्टॉल्स पर घूम–घूमकर पुस्तकों को देखा और फिर आकर खरीदने का मन बनाया । किताबों पर केन्द्रित यह पुस्तक मेला 04 जनवरी तक जारी है
आज राष्ट्रीय पुस्तक मेला के मंच पर सुप्रसिद्ध विद्वान् एवं साहित्यकार डा विनोद कुमार तिवारी की सद्य: प्रकाशित तीन पुस्तकों -रामायण कथा की विश्व यात्रा, पूर्वजों की पुण्य भूमि और हमारी सांस्कृतिक राष्ट्रीयता का मंचस्थ अतिथियों के कर कमलों से लोकार्पण हुआ।मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा जंग बहादुर पाण्डेय ने कहा कि ज्ञान संसार में पवित्रतम् है और पुस्तकें ज्ञान की संवाहिका हैं। डा विनोद कुमार तिवारी की तीनों पुस्तकें भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीयता का दस्तावेज हैं और वे थोक भाव से बधाई के पात्र हैं। विमोचन समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के संस्थापक पूर्व प्राचार्य डा वासुदेव प्रसाद ने कहा कि डा विनोद तिवारी झारखण्ड के पलामू के रहने वाले हैं और वे एक महान शिक्षा विद् हैं। वे सरस्वती के वरद् पुत्र हैं। वे अपनी लेखनी द्वारा ज्ञान का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। इस अवसर पर डा घटा गिरि, संजीव गिरि, श्रीकांत सिंह, डा स्वर्ण लता, डा पंकज महतो,सजना सहनी,डा बी के सहाय, डा गीता सिंहा गीतांजलि,कुमार साहब, अभिमन्यु सिंह मोनू आदि मंच पर उपस्थित रहे और अपने सार्थक उद्बोधन से कार्यक्रम में चार चांद लगाया।आगत अतिथियों का भव्य स्वागत मेला के राष्ट्रीय संयोजक डा चंद्र भूषण ने, मंगलाचरण संजना सहनी ने, कुशल संचालन डा ओम प्रकाश ने और धन्यवाद ज्ञापन सुशील कुमार तिवारी ने किया। राष्ट्र गान एवं शांति पाठ से पूर्णाहुति हुई।
पुस्तक मेला में जारी शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में रविवार को बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता संपन्न हुई । इस प्रतियोगिता में तीनों आयु वर्ग के बच्चों ने बढ़–चढ़ कर हिस्सा लिया और रंगों रेखाओं के सहारे अपने भावों को व्यक्त किया । बच्चों की चित्रकला में जहाँ प्रकृति का खूबसूरत संसार रंगों और रेखाओं के माध्यम से चित्रित हुआ।
राजपाल एंड संस, प्रकाशन संस्थान, सस्ता साहित्य मण्डल, क्राउन पब्लिकेशन, ए– आलम ओल्ड स्टोरी बुक, त्रिदेव बुक्स कलेक्शन के स्टॉल्स पर बच्चों की सस्ती और अच्छी पुस्तकें भारी तादाद में उपलब्ध हैं । इन पुस्तकों में आप का भविष्य आपके हाथ में, गुरुनानक अर्जुन, शिव और पार्वती, हनुमान, चाणक्य, सुभाष चन्द्र बोस, अशोक, महात्मा गांधी, राम, कृष्ण, झांसी की रानी, जातक कहानियाँ (3 खण्ड), जादू नगरी, रोबिन हुड, गुलिवर की यात्राएँ, तीसमार खाँ आदि उपलब्ध हैं । समय प्रकाशन समूह एवं यश प्रकाशन के स्टॉल पर कबीर के दोहे, गबन, गोदान, अपनी शक्ति पहचानें, बड़ी दीदी, निर्मला, वरदान, तितली, पंचतंत्र, हितोपदेश, बुलन्दियों की ओर, ऐसे रहें हमेशा खुश, चुनाव जीतने के अचूक नुस्खे, मन की 100 बातें, यू कैन डू इट जैसी चर्चित पुस्तकें हैं । झारखंड पर केन्द्रित पुस्तकें मेले में प्रकाशन संस्थान के स्टॉल पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की झारखंड : संपन्न धरती, उदास बसंत, डा.रामदयाल मुण्डा की आदिवासी अस्तित्व और झारखंडी अस्मिता के सवाल, शैलेन्द्र महतो की झारखंड की समरगाथा, महादेव टोप्पो की झारखंड में विद्रोह का इतिहास,आदिवासी विश्व चेतना जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं जो राज्य के इतिहास और दशा–दिशा को समझने की दृष्टि देती हैं ।
