
RKTV NEWS/गया (बिहार)17 दिसंबर।बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड), गया द्वारा आयोजित दो दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला ‘मंथन 2025’ का आज बिपार्ड परिसर, गया में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री, बिहार के कर कमलों द्वारा उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला में राज्य भर से आए प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों की भागीदारी रही तथा प्रथम दिवस का समापन सार्थक एवं परिणामोन्मुखी विमर्शों के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिपार्ड परिसर में विकसित की गई कई विकासात्मक एवं नवाचारी आधारभूत संरचनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें संवाद वाटिका, नक्षत्र वन, बिपार्ड के सतत प्रयासों से पुनर्जीवित किया गया ब्रह्मयोनि सरोवर, पुस्तकालय (विक्रमशिला), मोटर ड्राइविंग स्कूल तथा नवस्थापित स्पेस गैलरी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण पद्धतियों, क्षमता निर्माण पहलों तथा आंतरिक प्रशासनिक प्रबंधन से संबंधित बिपार्ड द्वारा तैयार किए गए कई महत्वपूर्ण मैनुअलों का भी विमोचन किया।
इस कार्यशाला में प्रत्यय अमृत, मुख्य सचिव, बिहार, डॉ. बी. राजेंद्र, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहारसह महानिदेशक, बिपार्ड, सहित अन्य सचिव स्तर के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। बिहार के महाधिवक्ता पी. के. शाही ने भी प्रशासन के कानूनी पहलुओं पर प्रतिभागियों को संबोधित किया। साथ ही केशव वर्मा, अध्यक्ष, शहरी नियोजन पर उच्च स्तरीय समिति, गुजरात सरकार, लोकेश कुमार सिंह, सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार, कुंदन कुमार, सचिव, उद्योग विभाग, बिहार, अभय कुमार सिंह, सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी, सचिव, शहरी विकास एवं आवास विभाग, बिहार, मनोज कुमार सिंह, सचिव, ऊर्जा विभाग, बिहार, सुरेश प्रसाद प्रभाकर, इंजीनियर इन चीफ सह अतिरिक्त आयुक्त सह विशेष सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, सज्जन आर, अतिरिक्त सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, वैभव चौधरी, अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, राजीव कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव, शहरी विकास और आवास विभाग, हिमांशु शर्मा सीईओ, जीविका एवं महेंद्र कुमार, निदेशक, खेल विभाग, बिहार भी उपस्थित थे।
यह कार्यशाला अनुभव साझा करने तथा प्रशासनिक चिंतन के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जिससे पदाधिकारियों को नीतिगत दृष्टिकोणों को जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविकताओं के साथ समन्वित करने में सहायता मिली। विमर्शों से क्रियान्वयन योग्य विचार सामने आए तथा जनआकांक्षाओं की पूर्ति हेतु उत्तरदायी, विधिसम्मत एवं विकासोन्मुखी प्रशासन के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यशाला में उच्च गुणवत्ता वाले विषयगत सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की गई, जिन्हें प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ प्रशासकों द्वारा संबोधित किया गया।
उत्तरदायी शासन विषयक सत्र को प्रत्यय अमृत, मुख्य सचिव, बिहार ने संबोधित किया, जिसमें उन्होंने नागरिक केंद्रित प्रशासन हेतु राज्य की दृष्टि एवं रणनीतिक दिशा साझा की। इसके पश्चात शशांक शुभंकर, जिला पदाधिकारी, गया द्वारा जिलास्तरीय प्रस्तुति दी गई. जिसमें क्षेत्रीय स्तर पर अपनाई गई पहलें एवं सर्वोत्तम प्रथाएँ प्रस्तुत की गईं।
ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस विषयक सत्र को पियूष दोशी, ऑपरेटिंग पार्टनर, द कन्वर्जेन्स फाउंडेशन ने संबोधित किया, जिसमें उन्होंने विनियामक सुधारों एवं प्रशासनिक सुगमता पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत कुंदन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालंदा द्वारा जिलास्तरीय हस्तक्षेपों पर प्रस्तुति दी गई। शहरी विकास की चुनौतियाँ विषयक सत्र का नेतृत्व केशव वर्मा, अध्यक्ष, उच्च स्तरीय समिति (शहरी नियोजन), गुजरात सरकार द्वारा किया गया। इसके पश्चात डॉ. त्यागराजन एस. एम., जिला पदाधिकारी, पटना ने शहरी शासन से जुड़ी चुनौतियों एवं उनके समाधान पर आधारित प्रस्तुति दी।
विधि सत्र को पी. के. शाही, महाधिवक्ता, बिहार ने संबोधित किया, जिसमें उन्होंने प्रभावी प्रशासन हेतु विधिक ढांचे पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इसके पश्चात सुब्रत कुमार सेन, जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिलास्तरीय प्रस्तुति दी गई, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर विधि एवं प्रशासन से जुड़े व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
“मंथन 2025” का द्वितीय एवं समापन दिवस कल आयोजित किया जाएगा, जिसमें सार्वजनिक निजी भागीदारी एवं अवसंरचना विकास विषय पर विशेष सत्र आयोजित होगा। सम्मेलन का समापन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समापन संबोधन के साथ किया जाएगा।
