
RKTV NEWS/अनिल सिंह,26 मई। वर्षो से अपने आवेदनों के माध्यम से वार्ड संख्या 11 की पार्षद आशा देवी शहर के मुख्य नाले की गाद सहित उड़ाही को लेकर नगर आयुक्त ,आरा सहित सांसद को आवेदन देती आ रही थी अभी कुछ दिनों पहले भी उन्होंने नगर आयुक निरोज़ कुमार भगत को उक्त समस्या संबंधी निदान हेतु आवेदन दिया था जिसमे निदान न हो पाने के स्तिथि में आमरण अनशन की बात आशा देवी ने लिखी थी लेकिन फिर भी निदान नही किया गया था और न ही कोई आश्वासन भी दिया गया था।फिर उन्होंने जनसमस्या के निदान हेतु अपने उक्त कथन के तहत भोजपुर सदर अनुमंडलाधिकारी को 26 मई को आमरण अनशन की सूचना दी थी।फिर भी इस बीच कोई आश्वासन नही मिला था लेकिन जब आज आरा नगर निगम परिसर में आरा के वार्ड संख्या 11 की वार्ड पार्षद आशा देवी ने अपने पूर्व घोषित आमरण अनशन जिसे निगम द्वारा वर्षो से नाले की उड़ाही सुचारू रूप से नही कराए जाने के कारण करना पड़ा था पर बैठी तब जाकर निगम की आंख खुली और आशा देवी के इस अनशन के बाद निगम ने इस बात को गंभीरता से लिया और महापौर इंदू देवी के उक्त समस्या संबंधी तत्काल निदान के आश्वासन पर उन्होंने अपने अनशन को समाप्त कर दिया।यहां मामला हास्य पद इसलिए हो जाता है की जब निगम को उक्त समस्या का निदान करना ही था तो फिर क्या वो जन प्रतिनिधि के अनशन का इंतजार कर रही थी ? या आशा देवी की इच्छा शक्ति को कम आंक रही थी? बहरहाल आंतरिक बातें जो भी हो इससे तो यह साफ स्पस्ट यही होता है की अगर आरा नगर निगम से समस्याओं का निदान कराना है तो उसके लिए अनशन ही एक मात्र रामबाण है।आज निगम द्वारा आश्वासन पर मिली जीत को आशा देवी ने जनता की जीत बताया और अपना अनशन तोड़ा ।अनशन में उनके साथ बम ओझा , वृज बिहारी सिंह, अशोक सहाय,दीपू श्रीवास्तव,राजू सिंह, रिंटू लाल,अफरोज आलम,सुनिल तिवारी निर्मल दुबे,सुनील सिंह , भुनेश्वर प्रसाद,कमलेश,गजेंद्र ठाकुर,अमित,सोनू सिंह,जय कुमार प्रसाद,उदय सहाय,दिनेश यादव,अप्पू यादव, सनी,लवली कुंदन, झुना ठाकुर, मंतोश सहित वार्ड संख्या 11 की जनता शामिल थी।

