संगीत संकाय के द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम।

विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरी
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 26 अगस्त। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं संरक्षण में संगीत संकाय द्वारा कल शाम महान हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतज्ञ पं. विष्णुनारायण भातखंडे एवं पं. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कैंपस 02 स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में संगीत संकाय के विद्यार्थियों द्वारा पं. भातखंडे एवं पं. पलुस्कर द्वारा रचित बंदिशों का गायन किया गया। सर्वप्रथम एम.पी.ए. अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा सहायक प्राध्यापक जगदेव नेताम के निर्देशन में राग मियां मल्हार में पं. पलुस्कर जी की बंदिश का गायन किया गया। इसके बाद एम.पी.ए. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने सहायक प्राध्यापक डॉ. लिकेश्वर वर्मा एवं डॉ. दिवाकर कश्यप के निर्देशन में राग मालकौंस में निबद्ध पं. भातखंडे द्वारा संकलित एवं रचित में बंदिशों का गायन किया। दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा बंदिशों की शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। तृतीय प्रस्तुति में तंत्री विभाग के विद्यार्थियों द्वारा विवेक नवरे सहायक प्राध्यापक सरोद के निर्देशन में राग बागेश्री में चतुष्वाद्य की प्रस्तुति दी गई। अंतिम प्रस्तुति में अवनद्ध विभाग के विद्यार्थियों ने सहायक प्राध्यापक डॉ. हरिओम हरि के निर्देशन में तीन ताल में रेला, परन, टुकड़े आदि की प्रस्तुतियां दीं। तंत्री एवं अवनद्ध विभाग की प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं।
दोनों महान संगीतज्ञों को श्रद्धांजलि देने का कार्य सराहनीय है : डॉ. लवली शर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय में दो महान विभूतियों को सांगीतिक कार्यक्रम के माध्यम से स्मरण किया जा रहा है। दोनों ही संगीतज्ञों को कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धांजलि देने का कार्य बहुत ही सराहनीय है। इस आयोजन के लिए विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी बेहतर प्रयास किए हैं। इसके लिए सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रांगण में सकारात्मक अनुभूति होती है। सांगीतिकता यहां की प्रकृति में है। उन्होंने इसी प्रेरणा साथ निरंतर आगे बढ़ते रहने तथा विश्वविद्यालय का नाम रौशन करने की बात कही और उक्त आयोजन के लिए संगीत संकाय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। इस अवसर पर प्रो.डॉ. मृदुला शुक्ल अधिष्ठाता कला संकाय, प्रो. डॉ. नीता गहरवार अधिष्ठाता नृत्य संकाय, प्रो. डॉ. नमन दत्त अधिष्ठाता संगीत संकाय, प्रभारी कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी सहित संगीत संकाय के सहायक प्राध्यापकगण डॉ. लिकेश्वर वर्मा, डॉ. हरिओम हरि, डॉ. दिवाकर कश्यप, जगदेव नेताम, विवेक नवरे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
इन विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम में डॉ. शिवनारायण मौरे (तबला संगतकार), सन्नी मोदनवाल (हारमोनियम संगतकार), एम.पी.ए. प्रथम वर्ष के विद्यार्थीगण पुलकित, विकास, हेमंत, नेल्सन, रत्नेश, दीपक, निखिल, प्रवीण, निजवम, ज्योतिष, शीतल, दीपलता, श्रुति, प्रिया, रीना, शिवांगी, लक्ष्मी, ध्वनि, निशिका, ज्योतिप्रभा, अंजलि, झरना व स्मृति, एम.पी.ए. अंतिम वर्ष के विद्यार्थीगण प्रथा, शीतल, मोनिका, सुप्रिया, अंजू, सलीमा, श्रद्धा, ममता, जसमीत, केशरी, सोनाली, सुमन, नम्रता, उमा, साक्षी, दामिनी, स्मृति, श्रद्धा, तेजस्वी, निखिल, नवनीत, शगुन, प्रियांशु, सूरजोदीप, श्रीपाल, नीलेश, महेन, डोमन, कृष्णा, वैभव, ओम, तंत्री विभाग के विद्यार्थीगण सौरभ पटेल (बांसुरी), गरिमा राहंगडाले (सरोद), मानस मयंक (वायलिन) व असिधारा पाटिल (सितार) तथा अवनद्ध विभाग के विद्यार्थीगण अजय, नेहरू, विवेक, संतोष, शरद, आलोक, ब्रोटरंजन, गौरव, विभु, प्रज्वल, विवेक, मयूर व अर्चना ने शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में दोनों संगीत विभूतियों के जीवन-वृत्त एवं सांगीतिक योगदानों पर गायन विभाग की शोधार्थी कु. रोहिणी साहू एवं विशाली द्वारा संक्षिप्त प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का संचालन एकता नैथानी ने किया।

