
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)10 अगस्त। शनिवार को श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज के सानिध्य में भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव एवं वात्सल्य दिवस मनाया गया। प्रातः समय में श्रीजी का भव्य पंचामृत अभिषेक, वृहद शांतिधारा, भगवान श्रेयांसनाथ पूजन, निर्वाण लाडू समर्पण के पश्चात रक्षाबंधन पूजन, मुनिश्री का पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट के उपरांत वात्सल्य दिवस के अवसर पर गुरुवर के पिच्छिका में रक्षा सूत्र बंधन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें प्रथम निर्वाण लाडू समर्पण एवं प्रथम पिच्छिका में रक्षा सूत्र बंधन का सौभाग्य ब्र सुलोचना दीदी को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज ने धर्मसभा में बताया कि जैन धर्म में रक्षाबंधन का पर्व इसलिए मनाया जाता है कि आज ही के दिन हस्तिनापुर में 700 मुनिराजो पर आए उपसर्ग को आचार्य श्री विष्णु कुमार महामुनिराज जी ने दूर किया था उसी के उपलक्ष में रक्षाबंधन का त्यौहार जैन समुदाय में वात्सल्य दिवस के रूप मनाया जाता है। वात्सल्य दिवस सही माने में संकल्प दिवस का है जिसमें सिर्फ बहन द्वारा रक्षा के लिए भाई को रक्षा सूत्र बांधने का ही नहीं बल्कि इस त्यौहार को संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए जिसमें सभी का रक्षा हो सके जैसे गुरु-शिष्य, भाई-बहन, पिता-पुत्र, माता-पिता, धर्म, संस्कृति, समाज की रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधकर संकल्पित होना ही सही माने में ये दिवस मनाने का महत्व है। वात्सल्य का पर्व है ,धर्म धर्मात्मा की विपत्ति को टालने का पर्व है, तीर्थ रक्षा का पर्व है, तीर्थंकर की वाणी की रक्षा का पर्व है, संयम की रक्षा का पर्व है। मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि वात्सल्य दिवस के अवसर पर मुनिसंघ के आहारचर्या के लिए कई सौभाग्यशाली जोड़ो के साथ-साथ बच्चें, युवा, पुरुष एवं महिलाओं ने मुनिसंघ का पड़गाहन एवं आहारचर्या सम्पन्न कराया। ब्र अलका दीदी, ब्र भारती दीदी, ब्र अनीश भैया के द्वारा भाव भक्ति किया गया। वात्सल्य दिवस के मौके पर मुनिसंघ के सचिव अजय कुमार जैन, संयोजक डॉ शशांक जैन, अंशु जैन, छवि जैन, मनीष जैन, आलोक किशोर जैन, अभय कुमार जैन, शैलेश कुमार जैन, सुषमा जैन, उषा जैन, नेहा जैन, अलका जैन, रीना जैन, निर्मला जैन, ज्ञानी जैन, वंश जैन, प्रांजल जैन, मन्नू जैन, अशोक जैन, मृगांक जैन, लक्ष्य जैन, डॉ श्वेता जैन, अमूल बंसल, साहू जैन, अरिहंत जैन, रश्मि जैन, मीना जैन के साथ सैकड़ों की संख्या में भक्तगण शामिल थे।
