
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 जुलाई। बुधवार को संतजेवियर्स अकादमी धोबहा मे सावन मास के षष्ठ दिवस पर आयोजित पर्यावरण संरक्षण विमर्श मे वीर कुंवरसिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपित आचार्य धर्मेन्द्र तिवारी समप्रति श्री त्रिदण्डी स्वामी सेवा आश्रम ब्रह्मपुरपीठाधीश्वर ने कहा पर्यावरण बचेगा तभी प्राणी बचेंगे।पर्यावरण संरक्षण से ही मानव व मानवता बचेगी।यह जनहित में अतिआवश्यक है।पर्यावरण संरक्षण हेतु जहाँ एक ओर वृक्षों की कटाई पर रोक होना चाहिए वहीं सघन वृक्षारोपण आवश्यक है।हर विद्यालय में विद्यार्थी ,शिक्षक के जन्मदिन पर वृक्ष लगाने का संकल्प सार्थक करना होगा।विशेष रूप से आँक्सीजन संवर्धक वृक्ष जैसे पीपल,वरगद,पाकड़,नीम,आँवला लगाया जाय।हर घर में तुलसी का चबुतरा और हर विद्यालय में तुलसी वाटिका होना चाहिए।पीपल वृक्ष व तुलसी का वीरवा सदा आँक्सीजन का विसर्जन करता है,इससे मानव को सहज ही प्राणवायु की प्राप्ति होजाती है। आचार्य जी ऩे कहा की शिक्षा मे संस्कार का संवर्धन शिक्षको का प्राथमिक दायित्व है।संस्कार हीन शिक्षा का कोई मतलब नहीं बल्कि बुराइयों का संवाहक बनता है।
। शिक्षा की कसौटी शिक्षार्थी मे स्वावलंबन व स्वाभिमान का जागरण है।इस अवसर पर ले.कर्नल राणा प्रताप सिह ने प्रेरणाप्रद बाते बतायी।विद्यालय के निदेशक सनोज कुमार ने आचार्य धर्मेन्द्र पूर्व कुलपति जी व राण प्रताप सिंह को सम्मानित किया।
