
RKTV NEWS/देवघर /झारखंड(डॉ अजय ओझा, वरिष्ठ पत्रकार)15 जुलाई।जल संसाधन विभाग, देवघर (झारखंड) राजेंद्र प्रसाद मंडल (प्रधान लिपिक) और करन सिंह (अनुसेवक) का एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कार्यालय अवधि में, सरकारी दफ्तर के अंदर शराब और सिगरेट की महफिल सजाए नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कैसे सरकारी टेबल कुर्सी, फाइलों और दस्तावेजों के बीच गाना “शराब थोड़ी-थोड़ी पिया करो…” की धुन पर कर्मचारी नाचते-झूमते दिख रहे हैं, और महफिल में सिगरेट के कश और शराब की बोतलें घूम रही हैं।
सरकारी कार्यालय में इस तरह की गैर जिम्मेदाराना, अनुशासनहीन और आपराधिक गतिविधि ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की साख को झकझोर कर रख दिया है। लापरवाही की हद तब पार हो गई जब यह सब कार्यालय समय के दौरान हुआ और सरकारी कर्तव्यों को तिलांजलि देकर सरकारी संसाधनों का खुलेआम दुरुपयोग किया गया।
सवाल उठता है – क्या ऐसे अधिकारियों पर गिरेगी गाज?
अब देखना यह है कि क्या राज्य सरकार और देवघर जिला प्रशासन इस शर्मनाक और नियमविरुद्ध कृत्य पर कोई कड़ा एक्शन लेगा?
क्या इन कर्मचारियों को सस्पेंड, डिपार्टमेंटल इंक्वायरी, या FIR जैसी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा?
क्या इस तरह की घटना प्रशासन में बैठे भ्रष्ट और लापरवाह मानसिकता के लोगों की असलियत उजागर नहीं कर रही?

जनता की मांग – “कार्रवाई हो तुरंत, नहीं तो जवाब दें जिम्मेदार
आम जनता में इस वीडियो को लेकर भारी आक्रोश है।
लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं –
“जब दफ्तर ही बार बन जाए, तो जनता जाए कहाँ?”
“सरकारी वेतन और सरकारी संसाधन से रंगीनियां? ये बर्दाश्त नहीं!”
इस वायरल वीडियो ने साफ कर दिया है कि कुछ कर्मचारी सरकारी सेवा को ‘स्वैच्छिक ऐशगाह’ समझ बैठे हैं, जो न सिर्फ प्रशासन की छवि को धूमिल कर रहा है, बल्कि आम लोगों के विश्वास को भी तोड़ रहा है।
अब बारी प्रशासन और सरकार की है क्या ऐसे कारनामों पर चुप्पी साधे रहेंगे अधिकारी, या होगी बर्खास्तगी की कार्यवाही?
