
RKTV NEWS/बक्सर ( बिहार)07 जून।ब्रह्मपुरधाम में ब्रह्मपुर महोत्सव 2025 के अन्तर्गत 5 जून को शिवशक्ति पीठ गौरीशंकर विवाह महोत्सव आश्रम, श्री त्रिदण्डी स्वामी सेवा आश्रम ब्रह्मपुर ,अध्यात्म विज्ञान सेवा आश्रम संघ ब्रह्मपुर के संयुक्त तत्वाधान में सम्मान समारोह,संगोष्ठी, कवि सम्मेलन,सांस्कृतिक कार्यक्रम अपराह्न तीन बजे से ब्रह्मपुरपीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र पूर्व कुलपति वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भोजपुर आरा की सन्निधि में गौरीशंकर महाविद्यालय एवं जी.पी.एस.ब्रह्मपुर में आयोजित किया गया ।समारोह में पधारने हेतु ब्रह्मपुर प्रक्षेत्र के विभिन्न क्षेत्र में कार्य करने वाले विभूतियों को आमंत्रित किया गया था।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भोजपुर आरा के माननीय कुलपति डा शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि इस सम्मान समारोह में उपस्थित होकर मैं गौरवान्वित हूं।कला एवं संस्कृति किसी समाज एवं राष्ट्र की विशिष्ट पहचान होती है।मेरे नेतृत्व में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भोजपुर आरा नया इतिहास गढ़ रहा है।सत्र नियमित हो गये हैं और अध्ययन अध्यापन का वातावरण तैयार हो गया है। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो जंग बहादुर पाण्डेय ने कहा कि
मुख की पवित्रता राम नाम से,हृदय की पवित्रता ब्रह्म ज्ञान से,हाथ की पवित्रता दान से और चरण की पवित्रता तीर्थधाम में गमनागमन से होती है।आज हम सभी आगत अतिथियों के मुख हृदय,हाथ और चरण एक साथ ब्रह्म पुर धाम में आकर पवित्र हो गये हैं। पवित्रता का यह पावन अवसर शिव शक्ति पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र ने प्रदान की।हम उनके मंगलमय भविष्य की कामना करते हैं।
राष्ट्रीय सागर के ब्यूरो चीफ डा दिनेश प्रसाद सिन्हा ने कहा कि आचार्य धर्मेन्द्र तिवारी ने वर्षों विश्वविद्यालय आरा में अध्ययन अध्यापन में किया लेकिन उन्हें वह प्रतिष्ठा और लोकप्रियता नहीं मिली जो आचार्य बनते ही उन्हें रातों रात मिल गई। प्रभु श्रीराम और हनुमान की शरणागति प्राप्त करते ही वे राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर छा गये। बिहार विधान परिषद् के सदस्य डा जीवन कुमार ने कहा कि समाज हित में नेक कार्य करने वालों को इस महोत्सव में सम्मानित करना एक पुनीत कार्य है और एतदर्थ इस आयोजन के संकल्पक आचार्य धर्मेन्द्र स्वयं सम्मानित हो रहे हैं। शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। लेफ्टिनेंट जनरल एस के सिंह ने कहा कि सुरक्षा और र सम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकते।कर्नल राणा प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय सैनिक बहादुर और स्वाभिमानी होते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी तक लगा देते हैं।इस अवसर पर जिन विद्वान विदुषियों ने अपने सार्थक उद्गारों से समारोह की प्रतिष्ठा में चार चांद लगाया उनमें संभावना विद्यालय आरा की विदुषी प्राचार्या डा अर्चना सिंह,जन सुराज पार्टी के नेता डा प्रभु दत ओझा, महाकवि डा सत्येन्द्र पाठक बवाली, राम नवमी के बजरंग दल के अध्यक्ष शंभु प्रसाद चौरसिया, सामाजिक कार्यकर्ता पवन पाण्डेय,ए के तिवारी आदि प्रमुख हैं। सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए परम पूज्य उद्धव प्रपन्न स्वामी ने कहा कि यह ब्रह्मपुर महोत्सव देवाधिदेव महादेव के पावन क्षेत्र में आयोजित है, अतः इसका विशेष महत्व है।शिव की आराधना से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि –
आशुतोष तुम औघढ़ दानी।आरती हरहुं दीन मम जानी।
उन्होंने सभी सम्मानित अतिथियों के मंगलमय भविष्य की उन्होंने कामना की।
ब्रह्मपुर महोत्सव में ब्रह्मपुर प्रक्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु विमर्श किया गया और संकल्प लिया गया गया कि निकले निष्कर्ष पर कार्य योजना बनाकर समाज एवं शासन के समक्ष कार्यान्विति हेतु रखा जायेगा। शाहाबाद प्रक्षेत्र के उन विभूतियों को सम्मानित किया गया जो अध्यात्म, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा,कृषि, गो पालन,पर्यावरण, समाज-सेवा, सैन्य सेवा, संगीत कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य संपादित कर रहे हैं। इस पावन अवसर पर प्रक्षेत्र के जागरूक नागरिक भी सादर सम्मानित किए गये। शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य करने के लिए कुलपति डा शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी को,प्रो जंग बहादुर पाण्डेय (रांची) को, संभावना पब्लिक स्कूल आरा की प्राचार्या डा अर्चना सिंह को , पत्रकारिता में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए डा दिनेश प्रसाद सिन्हा को, सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने के लिए शंभु प्रसाद चौरसिया को, समाज हित के लिए डा प्रभु दत्त ओझा को ,पवन पाण्डेय को, पर्यावरण के लिए नित्यानंद ओझा को, चित्रकारी के लिए संजीव सिन्हा को , वानिकी के लिए सुदामा जी को,फोटो ग्राफी के लिए सुमन भारद्वाज को एवं अरविंद कुमार तिवारी आदि को कर्मवीर सम्मान से नवाजा गया। पर्यावरण दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह के पूर्व आगत अतिथियों के कर कमलों से सुदामा जी के नेतृत्व में वृक्षारोपण कराया गया। पर्यावरण गीत का गान किया गया और डा जे बी पाण्डेय ने पर्यावरण के संरक्षण और सुरक्षा के लिए इस श्लोगन का नारा लगवाया कि-
कड़ी धूप है जलते पांव।
वृक्ष होते तो मिलती छांव।
वृक्षारोपण धर्म महान।
एक वृक्ष दस पुत्र समान।
सम्मान समारोह के पूर्व आचार्य धर्मेन्द्र ने ब्रह्मपुर महोत्सव एवं सम्मान समारोह के औचित्य पर गहन प्रकाश डाला और बताया कि इस शिव लिंग की स्थापना स्वयं ब्रह्मा ने अपने कर कमलों से की थी ;इसीलिए इसका नाम ब्रह्मेश्वर महादेव पड़ा और यह क्षेत्र ब्रह्म पुर के नाम से इतिहास में ख्यात हो गया।यह समारोह दो सत्रों में संपन्न हुआ।प्रथम सत्र में उद्बोधन और सम्मान तथा द्वितीय सत्र में कवि गोष्ठी आयोजित हुई। ख्याति लब्ध कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं के मन को गुदगुदा और गदगदाया भी।डा सत्येन्द्र पाठक बवाली ने तो अपनी कविताओं से समां ही बांध दिया। कविवर रत्नेश ओझा राही ने कविता के माध्यम से इस महोत्सव के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।अतिथियों का भव्य स्वागत गौरीशंकर विद्यालय की प्राचार्या डा जीनी त्रिपाठी ने, सरस्वती वंदना एवं फोटो ग्राफी सुमन भारद्वाज ने सुंदर संचालन आचार्य धर्मेन्द्र ने, व्यवस्था इंजीनियर अरविंद कुमार तिवारी एवं आर्यदेव गुप्ता ने और समवेत रूप में धन्यवाद ज्ञापन संयोजक समिति के सदस्य शिवजी पाण्डेय एवं नित्यानंद ओझा ने किया। राष्ट्रगान और शांति पाठ से संगोष्ठी की पूर्णाहुति हुई।
