गांव में गंदगी देखकर जिलाधिकारी ने की नाराजगी व्यक्त।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)07 मार्च। जल संरक्षण और सरकारी संसाधनों की देखरेख को लेकर बागपत प्रशासन ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सरूरपुर गांव में अटल भूजल योजना के तहत बनाए गए जल संचयन इकाई और जीर्णोद्धार व लघु सिंचाई द्वारा बनाए जा रहे तालाबों का स्थलीय निरीक्षण किया। सरूरपुर गांव में 2तालाबों पर कार्य चल रहा है जो कार्य लघु सिंचाई द्वारा किया जा रहा है उसमें सुधार करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि यह कार्य मार्च तक पूर्ण हो जाना चाहिए सेल की मिट्टी को दबाया ना जाए जो खराब मिट्टी है उसे उपयोग में लाया जाए पारदर्शिता के आधार पर साफ सुथरा कार्य करने के निर्देश दिए अटल भूजल योजना के अंतर्गत 32 लाख रुपए से हुए माता के मंदिर तालाब के जीणोद्धार कार्य को देखकर जिलाधिकारी ने उसमें काले पानी की स्थिति को देखकर नाराजगी व्यक्ति और उसका रखरखाव अच्छे से करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया। उन्होंने कहा तालाब के चारों तरफ पौधे लगे चाहिए सिल्ट कैचर की भी सफाई निरंतर होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने सरूरपुर में 32 लाख रुपये की लागत से पुनर्निर्मित तालाबों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पहले यह तालाब दयनीय स्थिति में था, लेकिन अटल भूजल योजना के तहत इसके जीर्णोद्धार से यह अब स्वच्छ और उपयोगी बन गया है। तालाब में वर्षा जल संचयन से न केवल पशुओं को पेयजल मिलेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों को सतर्क करते हुए कहा कि तालाब में कूड़ा, कचरा या प्लास्टिक डालने से बचें और इसे स्वच्छ बनाए रखना सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग को तालाब की बाउंड्री निर्माण और चारों ओर पौधारोपण कराने का निर्देश दिया। साथ ही, ग्राम पंचायत को सिल्ट केचर की नियमित सफाई करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि बागपत और पिलाना ब्लॉक डार्क जोन में आते हैं, जहां भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों को सजल बनाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, और इस तालाब का जीर्णोद्धार उनमें से एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि जल संरक्षण और सरकारी संसाधनों का क्रियाशील उपयोग प्रशासन की प्राथमिकता है। तालाबों, शौचालयों और अन्य संसाधनों की निगरानी सुनिश्चित करना प्रशासन का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की कि वे इन सुविधाओं का उचित उपयोग करें और स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दें। प्रशासन की यह सक्रियता न केवल जनसुविधाओं के सही उपयोग को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गांव में गंदगी देखकर जिलाधिकारी में नाराजगी व्यक्ति और खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि गांव का पंचायत सचिव और सफाई कर्मी की मुख्य जिम्मेदारी है कि अपने गांव को किस तरीके से रखें उन्होंने गांव को साफ स्वच्छ रखने की अपील की।

