सौ-सौ साहित्यकारों की होगी प्रत्येक पुस्तक, छात्र-साहित्यकारों के लिए भी आरम्भ होगी अलग ऋंखला।
RKTV NEWS/पटना(बिहार)23 अक्टूबर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन बिहार के सभी साहित्यकारों के परिचय-ग्रंथ के प्रकाशन का एक अत्यंत महत्त्वाकांक्षी ऋंखला आरम्भ करने जा रहा है। इसके प्रत्येक अंक में एक सौ साहित्यकारों को स्थान मिलेगा, जिसे ‘परिचय-शतक’ कहा जाएगा। संकलन में लिए गए प्रत्येक साहित्यकार को तीन से चार पृष्ठ दिए जाएंगे, जिनमें एक पृष्ठ उनके जीवन-परिचय के लिए तथा शेष उनकी रचनाओं के लिए होंगे। पुस्तक का नाम ‘बिहार के साहित्यकार’ होगा और उसके साथ जुड़ा होगा- ‘प्रथम शतक’, द्वितीय शतक – आदि।
सम्मेलन-अध्यक्ष डा अनिल सुलभ की अध्यक्षता में, सम्मेलन की नवगठित प्रकाशन समिति की प्रथम बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस हेतु बिहार के साहित्यकारों से आग्रह किया गया है कि वे यथा शीघ्र अपने परिचय और एक अद्यतन चित्र के साथ अपनी प्रतिनिधि रचनाएँ सम्मेलन के प्रकाशन विभाग को उपलब्ध करा दें। प्रथम अंक में पहले प्राप्त सौ साहित्यकारों को स्थान मिलेगा।
समिति की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रचनात्मक-साहित्य के अतिरिक्त सम्मेलन विद्यार्थियों के लिए पाठ्य-पुस्तकें भी प्रकाशित करेगा तथा विद्यार्थियों में हिन्दी-भाषा और साहित्य के प्रति रूचि जगाने तथा उनकी प्रतिभा के संवर्धन हेतु ‘काव्य-पाठ-प्रतियोगिता’ तथा ‘कथा-लेखन-प्रतियोगिता’ के आयोजन भी करेगा। इनमें से चयनित सौ-सौ विद्यार्थियों के भी साझा संकलन प्रकाशित किए जाएंगे, जिन्हें ‘बिहार के छात्र-साहित्यकार’ कहा जाएगा।
बैठक में समिति की अध्यक्ष डा पूनम आनन्द, संयोजक सागरिका राय, वरिष्ठ सदस्य और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवकाश प्राप्त अधिकारी बच्चा ठाकुर, वरिष्ठ कथाकार चित्त रंजन भारती, डा सीमा रानी और डा सीमा यादव की उपस्थिति रही।

