आत्मरक्षा प्रशिक्षण, 112 पुलिस हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार, स्कूलों के आसपास पुलिस गश्ती एवं छात्राओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर।
उपायुक्त ने कहा— छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन, पुलिस, विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी, हर स्तर पर बरती जाए संवेदनशीलता और सतर्कता।
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)14 अक्टूबर।जिले में स्कूली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनके लिए भयमुक्त, सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी को समन्वित प्रयास करते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिसमें छात्राएं बिना किसी भय, दबाव या असुरक्षा की भावना के अपनी शिक्षा जारी रख सकें और किसी भी परेशानी की स्थिति में निःसंकोच पुलिस एवं प्रशासन से सहायता प्राप्त कर सके।
छात्राओं एवं अभिभावकों को जागरूक करना आवश्यक
उपायुक्त ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए। अभिभावक अपने बच्चों की दिनचर्या, विद्यालय आने-जाने के मार्ग, मित्रों तथा उनकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी रखें और समय-समय पर उनसे सहज तरीके से बातचीत करें। बच्चों से यह भी पूछते रहें कि विद्यालय अथवा रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी, असहजता या अनुचित व्यवहार का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। बच्चों की बातों को गंभीरता से सुनना और उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया देना आवश्यक है। अभिभावक बच्चों को अनावश्यक रूप से अकेले आने-जाने से रोकें तथा संभव होने पर समूह में विद्यालय आने-जाने के लिए प्रोत्साहित करें। किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित विद्यालय प्रबंधन, पुलिस अथवा प्रशासन को सूचित करें।
सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकें और उनमें आत्मविश्वास बढ़े। वर्तमान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा पीएम श्री विद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का विस्तार करते हुए जिले के सभी विद्यालयों की छात्राओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने संबंधित शिक्षा पदाधिकारियों से प्रशिक्षण की उपलब्धता, नियमितता एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
112 एवं 1098 हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करें
छात्राओं एवं बच्चों को आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक संस्थानों में हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। इसके तहत विद्यालयों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी भवनों में आपातकालीन सहायता के लिए 112 और बच्चों से संबंधित सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि केवल हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों, अभिभावकों और आम नागरिकों को यह भी जानकारी होनी चाहिए कि जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग कैसे किया जाए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर हेल्पलाइन से संबंधित फ्लेक्स लगाने तथा सभी सरकारी भवनों की दीवारों पर पेंटिंग एवं लेखन के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रदर्शित करने का निर्देश दिया, ताकि यह जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित अथवा सहायता चाहने वाला व्यक्ति समय पर संबंधित तंत्र से संपर्क कर सके।
अंधेरे एवं संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर लगाएं स्ट्रीट लाइट
शहर में छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने ऐसे स्थानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया, जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है अथवा जहां लोगों को आवागमन के दौरान असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है। संबंधित पदाधिकारी इन स्थलों का आकलन करते हुए आवश्यकता के अनुरूप स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होने से आवागमन अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। इस कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए तथा चिह्नित स्थलों पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विद्यालयों के आसपास पुलिस गश्ती बढ़ाने का निर्देश
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि विद्यालय खुलने एवं छुट्टी होने के समय छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के आसपास नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से उन मार्गों एवं स्थलों पर निगरानी रखी जाए, जहां से छात्राएं बड़ी संख्या में आवागमन करती हैं। विद्यालयों के आसपास अनावश्यक रूप से एकत्रित होने वाले लोगों तथा छात्राओं को परेशान करने की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार, छेड़छाड़ अथवा असुरक्षा से संबंधित सूचना मिलने पर त्वरित संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इसके अतिरिक्त शहर के आउटडोर स्टेडियम, खूंटा बांध, गांधी मैदान सहित अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर रात्रि के समय पुलिस गश्ती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इन स्थलों पर अनावश्यक जमावड़ा लगाने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
स्कूल वाहनों के चालकों का पूरा विवरण रखने का निर्देश
विद्यालय आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में संचालित निजी वैन एवं अन्य स्कूल वाहनों के चालकों का पूरा विवरण संधारित करने का निर्देश दिया। इसमें चालक का नाम, पता, आधार कार्ड सहित आवश्यक पहचान संबंधी विवरण एवं अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध रहनी चाहिए। विद्यालय प्रबंधन को यह विवरणी अपने स्तर पर सुरक्षित रखने के साथ-साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में भी समर्पित करना होगा। संबंधित शिक्षा पदाधिकारी सभी विद्यालयों से जानकारी प्राप्त कर उसकी उपलब्धता एवं संधारण सुनिश्चित करेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वाहन एवं चालक से संबंधित जानकारी तत्काल प्राप्त की जा सके।
शिकायत पेटियों को नियमित रूप से खोलें, शिकायतों पर हो कार्रवाई
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में स्थापित शिकायत पेटियों को नियमित एवं प्रभावी रूप से क्रियाशील रखा जाए। शिकायत पेटी केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि छात्राओं को अपनी समस्याएं, शिकायतें अथवा किसी भी प्रकार की असहज स्थिति की जानकारी सुरक्षित तरीके से साझा करने का अवसर मिले। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी निर्धारित अंतराल पर शिकायत पेटियों की जांच करेंगे तथा प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। संवेदनशील शिकायतों को पूरी गंभीरता एवं गोपनीयता के साथ निपटाया जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग अथवा पुलिस की सहायता ली जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर में आने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। विद्यालय में प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों का नाम, आने का उद्देश्य, समय एवं अन्य आवश्यक विवरण आगंतुक पंजी में दर्ज कराया जाए। विद्यालय प्रबंधन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सतर्क रहे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी बाहरी व्यक्ति का अनधिकृत प्रवेश न हो।
अभिभावक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से आयोजित करें
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनकी सुरक्षा, व्यवहार, विद्यालय आने-जाने के दौरान होने वाली समस्याओं तथा किसी भी प्रकार की शिकायत पर भी चर्चा की जाए। अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने, उनकी समस्याओं को समझने और समय पर उचित कदम उठाने के लिए जागरूक किया जाए। ऐसी बैठकें विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ बच्चों की समस्याओं की समय रहते पहचान करने में भी सहायक होंगी।
तेज रफ्तार एवं लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि शहर में तेज रफ्तार एवं लापरवाही से बाइक चलाने वाले चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ऐसे चालकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर जुर्माना एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के आसपास तथा छात्राओं के आवागमन वाले मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि तेज रफ्तार वाहनों के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना या असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न न हो।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े सभी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें और अपने-अपने स्तर से नियमित निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सामूहिक दायित्व है। छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनना, समय पर सहायता उपलब्ध कराना तथा अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन के साथ समन्वय बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, सहायक समाहर्ता अवनीश कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर थाना प्रभारी, महिला थाना प्रभारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

