सम्मेलन के दीर्घायुष्य और अविराम हिन्दी सेवा हेतु की प्रार्थना, जलाए १०८ दीपक, समारोह अगले माह
RKTV NEWS/पटना(बिहार )21 अक्टूबर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने सम्मेलन के अन्य अधिकारियों और साहित्यकारों के साथ, गत सोमवार को सम्मेलन भवन में स्थापित माँ दुर्गा की प्रतिमा की पूजा कर सम्मेलन का १०८वाँ स्थापना दिवस मनाया तथा सम्मेलन के दीर्घायुष्य और अविराम हिन्दी-सेवा की प्रार्थना की। अपनी प्रार्थनाओं में डा सुलभ ने ‘हिन्दी’ भारत की राष्ट्रभाषा घोषित की जाए, इसे भी सम्मिलित किया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने १०८ दीपक जलाकर अपने पूर्वज साहित्यकारों को भी स्मरण किया।
माता की पूजा के पश्चात डा सुलभ ने बताया कि नवम्बर में किसी दिन स्थापना-दिवस का समारोह भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसके उद्घाटन के लिए बिहार के मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है। उनसे स्वीकृति मिलने के बाद तिथि की घोषणा की जाएगी। स्थापना-दिवस-समारोह में हिन्दी-सेवियों को ‘साहित्य-मार्तंड’, ‘साहित्य-शार्दूल’ और ‘साहित्य-चूड़ामणि’ अलंकरणों से विभूषित किया जाएगा।
साहित्य समिति के संयोजक चित्तरंजन भारती, पुस्तकालयमंत्री डा नागेश्वर प्रसाद यादव, अर्थमंत्री कुमार अनुपम, संगठनमंत्री ईं अशोक कुमार, कवि सुनील कुमार दूबे, डा अनिता देवी, चंदा मिश्र, इन्दु भूषण सहाय, डा पंकज प्रियम, भास्कर त्रिपाठी, राजीव कुमार आदि सम्मेलन के अधिकारी और साहित्यकार पूजा में सम्मिलित हुए।
समरणीय है कि ५० वर्षों से अधिक से सम्मेलन परिसर में शारदीय नवरात्र में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। बांगला शिल्प में निर्मित यह प्रतिमा अपनी सादगी और कलात्मकता की दृष्टि से नगर में विशिष्ट स्थान रखती है।

