घटना की जानकारी मिलते ही भाकपा-माले नेता आरा सदर अस्पताल पहुंचे!
*पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रु मुआवजा दे सरकार-माले!
तीन मासूम बच्चों की गई जान; बालू खनन पर उठे सवाल
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)17 अक्टूबर।भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र के तीर्थकौल के रहने वाले चार लोगों को सोन नदी में डूबने से मौत हो गई घटना की सूचना मिलते ही भाकपा-माले के जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम एवं आरा नगर कमेटी सदस्य रणधीर राणा आरा सदर अस्पताल पहुंचकर कर पोस्टमार्टम कराया गया!वहां संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर चारों मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई!घटना की जानकारी ही इलाके में शोक की लहर है!मृतकों में तीन बच्चे शामिल हैं।सभी मृतक संदेश से कुछ दूरी पर स्थित तिर्यक् ल गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सोन नदी में बालू खनन,नदी क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़ा किया गया!मृतकों में तीन बच्चे,एक 30 वर्षीय युवक
मृतकों की पहचान इस प्रकार बताई गई है
प्रेम कुमार उम्र- 12 वर्ष पिता-मिंटू शर्मा,
शिवम कुमार 10 वर्ष, पिता का नाम उपलब्ध नहीं।
आकाश शर्मा 15 वर्ष, पिता-विनोद शर्मा
सुधीर कुमार 30 वर्ष, पिता-अरविंद कुमार,
प्राप्त जानकारी के अनुसार,चारों सोन नदी की ओर नहाने के लिए गए थे!घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है!इस दौरान भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य व आरा सांसद सुदामा प्रसाद मृतक के परिवारों से फोन पर बात शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से अभिलंब आपदा प्रबंधन से मुआवजा देने की मांग की है
भाकपा-माले नेताओं ने बालू खनन पर रोक लगाने की मांग सोन नदी में लगातार हो रही बालू की खुदाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनियंत्रित खनन से नदी में गहरे गड्ढे बनने और लोगों की जान को खतरा पैदा होने की आशंका रहती है!उन्होंने इस मामले में खनन गतिविधियों की जांच कराने और नदी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की!
माले नेताओं ने कहा कि भोजपुर के सांसद सुदामा प्रसाद संसद में सोन नदी में खनन के मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं।इसके बावजूद खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
मृतक परिवारों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की मांग
भाकपा-माले नेता दिलराज प्रीतम ने प्रत्येक मृतक परिवार को तत्काल 4-4 लाख हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की!
उन्होंने पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने,घटना की जांच कराने तथा सोन नदी में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की!
भाकपा-माले नेताओं सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
संदेश क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना ने सोन नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है!
स्थानीय स्तर पर नदी में खतरनाक गड्ढों की पहचान, सुरक्षा संबंधी चेतावनी और अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई की मांग उठ रही है!
अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना के बाद क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की दिशा में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है!

